‘हम जैसे लोगों को लोकसभा जाकर कानून बदलने होंगे’
दयामणि बरला. उम्र-44 वर्ष.सामाजिक कार्यकर्ता. खूंटी, झारखंड. फोटोः राजेश कुमार सारी जिंदगी मैं समाज सेवा के काम में रही हूं. झारखंड में जनता के लिए काम करने के चलते मेरा हमेशा सरकार, माफिया और बड़ी...
View Article‘ नेताओं ने प्रशासन को पंगु बना दिया है’
एचएस फुल्का । 58 ।वकील। लुधियाना, पंजाब. फोटोः प्रभजोत धिल वकालत के पेशे के अलावा मैं पंजाब में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहा हूं. मैंने शिक्षा, नशाबंदी और खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर काम किया है....
View Article‘बाहरी होना हमें दूसरों पर एक स्पष्ट बढ़त देता है’
राजमोहन गांधी. उम्र-79.लेखक, शिक्षाविद्. पूर्वी दिल्ली. फोटोः पुष्कर व्यास मेरा फैसला यह था कि मैं राजनीति में नहीं जाऊंगा. मैंने सोचा था कि यह जो अप्रत्याशित और असाधारण आंदोलन (लोकपाल आंदोलन) है, मैं...
View Article‘हमें अपनी जमीन, अपना पानी और अपनी हवा वापस चाहिए’
सारा जोजफ. उम्र- 68 वर्ष . लेखिका. त्रिसूर, केरल मैं एक लेखिका हूं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी किसी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा बनूंगी या कोई चुनाव लड़ूंगी. लेकिन पिछले कुछ सालों को देखें तो...
View Article‘ जब मैं सरकारी नौकरी करते हुए नहीं झुका तो चुनाव जीतने पर तो और भी बेहतर काम...
बाबा हरदेव सिंह. उम्र-66. पूर्व आईएएस अधिकारी. मैनपुरी, उत्तर प्रदेश. फोटोः प्रमोद अधिकारी राजनीति में बाहुबल और पैसे का इस्तेमाल आम बात हो चुका है. राजनीति आम लोगों की मदद का हथियार थी, लेकिन अब यह...
View Article‘इन नतीजों का अर्थ यह नहीं कि हम असफल हुए’
विजय पांडे क्या दिल्ली में मिली जीत के बाद ‘आप’ अति आत्मविश्वास से भर गई थी जिसके चलते पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 434 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया? क्या आज आपको लगता है कि यदि पार्टी ने कुछ...
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